Top 10 tourist places in Sultanganj

Sultanganj Tourist Spot List With Details

दोस्तों आज मैं आपको इस पोस्ट में बताऊंगा कि सुल्तानगंज की 10 ऐसी Tourist places in Sultanganj जो की बहुत ही प्रचलित पर्यटन स्थल जहां आपको सावन मास या साल के किसी भी दिन घूमने में उतना ही आनंद आएगा जितना आपको ठंड के मौसम में दार्जिलिंग में घूमने में आता है।

आज मैं आपको उस जगह के बारे में बताने जा रहा हूं जहां गंगा को जानवी के नाम से पुकारा जाता है शिव पुराण और कई कहानियों के अनुसार जब गंगा मां को शिवजी के जटाओं से उतारकर धरती पर लाया गया तो उनके जलस्तर का भाव इतना तेज था की खेतों और फसलों को बहुत ही ज्यादा नुकसान हुआ और आपको तो यह पता ही होगा कि उस समय ऋषि मुनि तपस्या में लीन रहते थे और अगर उन्हें कोई भंग करेंया उनकी साधना में कोई विघ्न अर्चना जाए तो उन्हें बहुत ही तकलीफ और गुस्सा आता था क्योंकि उनकी कई सालों से किया गया तब एक्शन में खत्म हो जाता था और ठीक ऐसा ही हुआ झाड़ू ऋषि के साथ माता गंगा के बहाव में उन्हें विचलित किया कि उन्होंने गुस्से में गंगा नदी को ही पी लिया और जब वह शांत हुए तो मां गंगा को उन्होंने फिर से जान से धरती पर अवतरित किया इसीलिए इस जगह पर गंगा नदी को झाड़ू ऋषि की पुत्री जानवी के नाम से पुकारा जाता है इस घाट की पूरे बिहार में सबसे ज्यादा मान्यता है और इतना कुछ पढ़ने के बाद तो आप समझ ही गए होंगे कि मैं बात कर रहा हूं देवों की नगरी का उद्गम स्थान सुल्तानगंज की जहां कई ऋषि-मुनियों ने जन्म लिया और कई सारी सिद्धियां प्राप्त की तो चलिए अब बात करते हैं सुल्तानगंज (Sultanganj Tourist Spot) के करीब 10 ऐसे पर्यटन स्थल जो आपको जरूर से जरूर एक बार घूमने आना चाहिए।

1.Ajgaivinath Temple ( अजगैबीनाथ मंदिर )

अजगैबीनाथ मंदिर शिव जी  कें प्रमुख मंदिरों में से एक है जो कि आपको सुल्तानगंज से बस कुछ ही दूरी पर मिल जाएगी यह मंदिर चट्टान के ऊपर बना हुआ है इस मंदिर के पीछे की कहानी है है कि एक कथा के अनुसार जब भगवान शिव जी ने धनुष लिया था और धनुष का नाम था अजगब इसीलिए मंदिर और स्थान को अजगैबीनाथ कहा जाता है पर इस मंदिर को अजगैबीनाथ मंदिर कहा जाता है।

Ajgaivinath Temple ( अजगैबीनाथ मंदिर )

मंदिर खुलने का समय-
क्या मंदिर रोजाना सुबह 6:00 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक खुल जाता है और शाम में 5:00 बजे से लेकर 8:00 बजे तक भक्तों के लिए खुलता है और एक बात जरूर ध्यान रखें जब जहां आप चाहे तो इस मंदिर परिसर के अंदर आपको फोटोग्राफी की अनुमति नहीं दी जाती जब मैं पिछली बार गया था कि मेरे साथ तो यही हुआ था लेकिन अगर अभी वहां ऐसा होता है तो आप एक बार हमें जरूर बता दीजिएगा इसके यह अब आप का सदैव आभारी रहेंगे।

Ajgaivinath Temple ( अजगैबीनाथ मंदिर )
अजगैबीनाथ मंदिर जाने का रास्ता-
अगर आप बाय रूठ जाते हैं तो आप एन एच डी से भी जा सकते हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी उपयोग कर सकते हैं।
By Rail –
अगर आप ट्रेन से यहां तक पहुंचना चाहते हैं तो आपको सुल्तानगंज जिसका स्टेशन कोड एसजीजी है वहां के लिए आपको ट्रेन पकड़ना होगा और वहां से ठीक 2 किलोमीटर के अंदर आपको यह मंदिर मिल जाएगा अब चाहे तो गूगल मैप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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By Air-
अगर आप यहां तक हवाई जहाज के द्वारा जाना चाहते हैं तो आपको सीधे यहां तक पहुंचने के लिए तो कोई हवाई जहाज नहीं मिलेगी लेकिन आप चाहे तो पटना का प्रमुख हवाई अड्डा जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से आ सकते हैं , पटना से आपको इस मंदिर की दूरी या तो फिर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में तय करनी होगी या तो आप ट्रेन जैसी सरल एवं आसान तरीका लें सकते हैं ताकि आपका समय भी बचे और आप बिना कोई परेशानी के यहां तक पहुंच सकें । पटना से इस मंदिर तक की दूरी करीब 216 किलोमीटर पड़ती है।

2.Vikramshila Gangetic Dolphin Sanctuary VGDS ( Dolphin भवन )

सन 1991 के अभ्यारण के अनुसार गंगा नदी में सुल्तानगंज से लेकर कहलगांव तक 60 किलोमीटर का क्षेत्रफल है वहां तक 1991 में डॉल्फिन भवन खोलने का आदेश हुआ था जिस पर काम भी हो रहा है फिलहाल तो यहां चार पिलर नदी के बीचो-बीच जमा दिए गए हैं यह फिलहाल एक पूर्णता घूमने का स्थान तो नहीं है लेकिन आने वाले समय में यह भी एक बिहार का या कह सकते हैं पूरे भारत का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण भवन में से एक होगा।

Vikramshila Gangetic Dolphin Sanctuary VGDS ( Dolphin भवन )
इस क्षेत्र को डॉल्फिन के देखभाल और उनके बारे में, उन्हें बहुत ही करीब से देखने का भी आपको अनुभव हो सकता है। कास भविष्य में यह अनुभव मिले क्योंकि जब से यह कोरोना वायरस आया है तब से गंगा नदी में थोड़ी पानी में शुद्धता आई जिसके कारण बहुत सारे जीव जंतु जो विलुप्त हो गए थे वह देखने को मिल रहे उनमें से एक डॉल्फिन भी है जो कि आपको अक्सर नदी के घाट पर देखने को मिल जाती है।
जिसे स्थानीय लोग सुंस कहते हैं।
यह भवन जो नदी के बिल्कुल बीचो-बीच बनेगा यह बिल्कुल एक्यूरियम की तरह बहुत ही बड़ा स्थान होगा जो पारदर्शी शीशों का बनाएगा ताकि आपको इन जीवो को देखने का आनंद मिल सके क्योंकि यह भी एक बहुत ही दुर्लभ प्रजाति में से एक है।
जिसे हम लोग पानी में इकलौता इंसानों का दोस्त भी कह सकते हैं।

3. Sultan shah Dargah And Shahi Masjid

उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर मुरली पहाड़ पर स्थित यह मस्जिद यह स्थान हिंदू जैन और मुस्लिम समुदाय का भी प्राचीन स्थल रहा है । गंगा नदी के तट से मुरली पहाड़ पर स्थित इस मस्जिद को देखने पर नेट काफी भव्य दिखाई पड़ता है और इस पहाड़ की एक और खास बात यह है कि अगर अब तक से देखोगे तो आपको मंदिर और मस्जिद एक ही जगह पर देखने को मिलेंगे जो कि हमारे देश की सभ्यता को दिखाता है।

Sultan shah Dargah And Shahi Masjid
तो अगर आप सुल्तानगंज में हो या सुल्तानगंज आए हैं तो एक बार इस दरगाह पर जरूर जाएं और tourist places in Sultanganj के बारे में अपने dosto को भी बताएं ।

4. Krishnagarh Mahal ( 4th बेस्ट tourist places in Sultanganj)

Krishnagarh Mahal sultanganj

सुल्तानगंज में पश्चिम दिशा में नदी के समीप एक बहुत ही पुराना महल है जो कि कृष्णगढ़ कहलाता है। इस महल का निर्माण कुमार कृष्णनंदन सिंह के द्वारा किया गया है यह बनेली राजा का एक नामी गर्व हुआ करता था और अब यह बिहार के प्राचीन स्थलों में से एक है। राजा कृष्णानंद का भव्य स्मारक भी यही आपको देखने को मिलेगा।इस माहौल और इसके इतिहास के बारे में कम ही लोगों को पता है लेकिन मैंने आपको अपने रिसर्च और गूगल से और लोकल एरिया से सारी जानकारी लेने के बाद आपको यह जानकारी प्रदान की है।
सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन के करीब ट्यूशन आना नाम का एक विद्यालय भी है जोकि उसी स्थल से जुड़ा हुआ।

5.Ganga Ghat

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जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा बहती है और जब भी कोई श्रद्धालु देवघर जाते हैं तो यहीं से जल भरकर कांवरिया पथ से देवघर जाते हैं और सावन मास में यहां आपको बहुत ही अधिक मात्रा में भीड़ देखने को मिलेंगे क्योंकि पूरे भारत से सावन मास में श्रद्धालु पूजा करने आते हैं तो अगर आप सावन में आते हैं तो आप एक बार जरूर देवघर जाइएगा क्योंकि वहां जाने से आपकी सारी मुरादें पूरे होंगे।

6.Buddha Statue

Buddha Statue sultanganj

ब्रिटिश हुकूमत के दौरान सन 1862 में सुल्तानगंज में 590 किलो वजन की बुद्ध भगवान की प्रतिमा मिली थी जो कि फिलहाल आपको बर्मिंघम के म्यूजियम में देखने को मिलेंगे इस मूर्ति को1862 में खोजी गई थी और और इस एक बर्मिंघम के म्यूजियम में रखा गया है यह अपने आप में ही एक बहुत गर्व की बात है हमारे हमारे इस जगह से एक आर्टीफैक्ट मिली है जो कि अभी बर्मिंघम की म्यूजियम की शोभा बढ़ा रही है।

Buddha Statue sultanganj

आप अगर और इसके बारे में ज्यादा पढ़ना चाहते हैं तो मैं आपको नीचे एक पोस्ट रेफर कर दूंगा आप चाहे तो उसे और इसके बारे में ज्यादा पड़ सकता है।

इसी के साथ में अपने पोस्ट को यहीं पर समाप्त करता हूं आशा करता हूं आपको हमारा यह पोस्ट tourist places in sultanganj हमारे द्वारा लिखे यह blog पसंद आया हो और अगर आपको इस में कुछ कमी लगती है तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं हम जल्द ही इस पोस्ट को सुधारने का प्रयास करेंगे मिलते हैं अगले पोस्ट में ।
जय हिंद जय भारत

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